नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, SEBI ने आगामी केंद्रीय बजट 2027-28 से पहले केंद्र सरकार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए भारतीय शेयर बाजार में इक्विटी निवेश पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को समाप्त करने की सिफारिश की है।
अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो विदेशी निवेशकों को भारतीय शेयरों में लंबे समय तक निवेश करने पर मिलने वाले मुनाफे पर LTCG टैक्स से राहत मिल सकती है।
क्या है SEBI का प्रस्ताव?
SEBI ने सरकार से सिफारिश की है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए इक्विटी निवेश पर लगने वाला 12.5% LTCG टैक्स हटाया जाए।
वर्तमान टैक्स व्यवस्था के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार, 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों पर 12.5% LTCG टैक्स लागू होता है। वहीं, 12 महीने या उससे कम अवधि में बेचे गए शेयरों पर 20% शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स लागू होता है।
विदेशी निवेशकों को क्यों मिल सकती है राहत?
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है। विदेशी निवेशकों के लगातार पैसा निकालने से बाजार पर दबाव देखने को मिला है।
SEBI का मानना है कि टैक्स का बोझ और अधिक ट्रांजैक्शन लागत विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार को कम आकर्षक बना सकती है।
LTCG टैक्स हटाने से विदेशी निवेशकों का टैक्स बोझ कम हो सकता है और भारत में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहन मिल सकता है।
म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी प्रस्ताव
SEBI ने घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी टैक्स राहत का प्रस्ताव दिया है।
इसके तहत यदि कोई निवेशक एक साल से अधिक समय तक निवेश रखने के बाद एक म्यूचुअल फंड स्कीम से दूसरी स्कीम में अपना निवेश स्विच करता है, तो ऐसे स्विच पर LTCG टैक्स से छूट देने की सिफारिश की गई है।
इससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने में अधिक लचीलापन मिल सकता है।
क्या भारतीय शेयर बाजार को मिलेगा फायदा?
यदि सरकार SEBI की सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो इसके संभावित फायदे हो सकते हैं:
- विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार अधिक आकर्षक बन सकता है।
- विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।
- भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की भागीदारी बढ़ सकती है।
- घरेलू म्यूचुअल फंड निवेशकों को स्कीम बदलने में टैक्स राहत मिल सकती है।
- भारतीय बाजार की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को समर्थन मिल सकता है।
क्या अभी खत्म हो गया है LTCG टैक्स?
नहीं। फिलहाल LTCG टैक्स खत्म नहीं हुआ है। SEBI की यह केवल केंद्र सरकार को भेजी गई सिफारिश है। इस पर अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय और केंद्र सरकार को लेना है। आगामी केंद्रीय बजट 2027-28 में इस प्रस्ताव पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
निष्कर्ष: SEBI की यह सिफारिश भारतीय शेयर बाजार और विदेशी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, सरकार की मंजूरी और आधिकारिक घोषणा होने तक मौजूदा टैक्स नियम लागू रहेंगे।


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